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बिना नाम का फोल्डर बनायें और कारण भी जानें [How To Create A Folder Without Name And find out the reason]

अगस्त 04, 2020 0
बिना नाम का फोल्डर बनायें और कारण भी जानें [How To Create A Folder Without Name And find out the reason]
कंप्‍यूटर में नया फोल्डर या फाइल बनाने के साथ उसको नाम भी देना पडता है, ताकि उसमें जब किसी फाइल को रखा जाये तो आसानी से खोजा सके, लेकिन एक तरीका ऐसा भ्‍ाी है जिससे बिना नाम का फोल्डर या फाइल बनाई जा सकती है, ऐसा बहुत से लोग करते भी हैं, लेकिन क्‍या वाकई में इस कंप्‍यूटर बिना नाम का फोल्डर या फाइल बनाता है या यह हमारा भ्रम है आइये जानते हैं -

किसी फाइल या फाेल्‍डर को बिना नाम के बनाना-

फोल्‍डर बनाने के लिये उसे कोई ना कोई नाम देना पडता ही है, लेकिन एक ट्रिक है जिससे आप बिना नाम का फोल्‍डर बनाकर अपने दोस्‍तों को चकित कर कर सकते हो,
  • इसके लिये डेस्‍कटॉप पर किसी जगह पर राइट क्लिक कीजिये 
  • नया फोल्डर या फाइल बनाईये या आप पहले से बने किसी फोल्‍डर पर भी यह प्रयोग कर सकते हैं। 
  • माउस से राइट क्लिक कीजिये। 
  • अब रिनेम कीजिये। 
  • नाम टाइप करने के बजाये की-बोर्ड से Alt+ 160 या Alt + 255 दबाइये और एन्‍टर कीजिये। 
  • अगर आप लैपटॉप इस्‍तेमाल कर रहे हैं और उसमें न्‍यूमैरिक की-पैड नहीं है तो अलग से की-बोर्ड लगा लें।
  • तैयार है आपका बिना नाम फोल्‍डर और फाइल 

जानें यह ट्रिक काम कैसे करती है ?

यदि आप हिन्दी टाईपिंग जानते हैं तो आपको एक बात जरूर मालूम होगी और वह यह कि हमको हिन्दी टाईपिंग करते समय बहुत सारे ऐसे अक्षरों या चिन्हों की आवश्यकता पड़ती है जो साधारणत्यः Alphabetical keys से प्राप्त नहीं किए जा सकते। उसके लिये शार्टकट की का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए हिन्दी टाईप करते समय यदि आपको एक  Small Bracket लाना होता है तो आपको Alt key  के साथ में 188 और Alt key  के साथ 189 को दबाना होगा। उसी तरह से आप एमएस वर्ड या कोई अन्‍य टैस्‍क्‍ट एडीटर खोलें और उसमें इंग्‍िलश फाण्‍ट सेटकर लें और अब अपने की बोर्ड से Alt key  के साथ 255 को दबाएँ तो क्या होता है? यहाँ पर कोई कैरेक्टर बनने के बजाए एक ऐसा अक्षर बनता है जो की एक खाली स्‍पेस की तरह होता है और जब वही खाली स्‍पेस जैसा अक्षर आप आप किसी फाइल के रीनेम करते वक्त दबाते हैं तो वह फाइल या फोल्‍डर बिना नाम का दिखता है पर ऐसा होता नहीं हैं। यहाँ पर एक बात को ध्यान में रखिए की जो स्‍पेशल कैरेक्टर Alt+255 से बनता है वह वास्तव में एक ब्‍लैंक स्‍पेस नहीं होता बल्कि उस की तरह दिखता है। यदि ऐसा होता तो आपका कंप्‍यूटर फाइल को रीनेम करते वक्त स्‍पेस-की को दबाते से ही बिना नाम का फोल्डर पाता। मगर ऐसा नहीं है। असल उसका भी एक नाम होता है भले ही हम उसे ना पढ पायें।

Most Useful USSD Code - बड़े काम के यूएसएसडी कोड

अगस्त 03, 2020 0
Most Useful USSD Code - बड़े काम के यूएसएसडी कोड
स्‍मार्ट फोन हो या साधारण फोन USSD Code सभी पर काम करता है और इससे कई सारी सुविधायें ली जा सकती है, यहॉ तक कि आप यूएसएसडी कोड (USSD Code) से फोन बैंकिंग (Phone Banking) या फेसबुक (Facebook) भी यूज करते हैं वो भी बिना इंटरनेट, तो आईये जानते हैं कुछ बड़े काम के यूएसएसडी कोड - Most Useful USSD Code - 

ANDROID PHONES USEFUL USSD CODES

  • Phone Model - *#92782#
  • Know IMEI Number - *#06#
  • Software Version Info - *#44336# 
  • RAM version - *#*#3264#*#*

Reliance USSD Codes

  • Know Your Mobile Number – *1#
  • Local Call balance – *367*2#
  • GPRS data balance – *367*3#

Docomo USSD Code

  • Know Your Mobile Number – *1#
  • Balance – *111# or call 12525
  • Internet Balance – *111*1#

Airtel USSD Codes

  • Check Your Number – *121*1#
  • Check GPRS Data – *123#
  • 2G data balance - *123*10#
  • 3G data balance – *123*11#

Idea USSD Codes

  • Know Your Mobile Number  – *131*1#
  • Balance – *121#
  • Data balance – *125#

Vodafone USSD Codes

  • Know Your Mobile Number – *120*0#
  • Balance – *153#
  • Data balance – *111*2#

BSNL USSD Codes

  • Know Your Mobile Number – *555#
  • Balance – *123*1#
  • Data balance – *123*16#

Banks USSD Codes 

  • SBI - Subscribers to dial *595# 
    • 1. Enquiry
    • 2. Fund Transfer
    • 3. Mobile Top up
    • 4. Change MPIN.
    • 5. Forgot MPIN
    • 6. De- Register
  • ICICI - Subscribers to dial *99*44#
    • 1. Enquiry
    • 2 for Last 3 Transactions
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कंप्यूटर में स्क्रीनशॉट लेने के बेस्‍ट तरीके - Best Ways To Take Screenshots in Computer

अगस्त 02, 2020 0
कंप्यूटर में स्क्रीनशॉट लेने के बेस्‍ट तरीके - Best Ways To Take Screenshots in Computer
स्क्रीनशॉट (Screenshot ) एक बहुत सरल तरीका है किसी बेवपेज या कंप्‍यूटर की स्‍क्रीन के पूूरे हिस्‍से या कुछ हिस्‍से को कैप्‍चर करने का, आप अपने फ़ोन और टेबलेट में भी Screenshot ले सकते हैं, स्क्रीनशॉट (Screenshot) लेना बहुत ही सरल प्रक्रिया है फिर भी बहुत से यूजर्स कई प्रकार के सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते हैं लेकिन स्क्रीनशॉट लेने के लिये आपको किसी भी अन्‍य सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है आप इन तरीकों से बहुत आसानी से अपने कंप्‍यूटर और लैपटॉप की स्‍क्रीन का स्क्रीनशॉट (Screenshot) ले सकते हैं -

  1. अपने Keyboard पर Print Screen का बटन खोजिये और जिस स्‍क्रीन को कैप्‍चर करना हो, वहां Print Screen को प्रेस करें, अब ms paint या ms word में Ctrl+v प्रेस करें
  2. इसके अलावा Windows 7, 8 और 10 में स्‍क्रीनशॉट लेने के लिये एक खास सॉफ्टवेयर दिया गया है, जिसका नाम है snipping tool, इसकी सहायता से स्‍क्रीनशॉट लेना बेहद आसान है, इसके लिये आपको स्‍टार्ट बटन पर क्लिक कीजिये और सर्च कीजिये snipping tool या सीधे "snippingtool" रन कमांड का इस्‍तेमाल कीजिये 
  3. नया स्‍क्रीन शॉट लेने के लिये न्‍यू पर क्लिक कीजिये और माउस से उस ऐरिया को सलेक्‍ट कीजिये बस हो गया
Tag - Computer Me Screenshot Kaise Le Without Software, Computer Laptop Me Screen Shot Lene ke Tarike, How to take a screenshot, a Screenshot on a PC

आपका Power Bank असली या नकली यह कैसे पता करे ? Top 5 Tips

मार्च 19, 2019 0
आपका Power Bank असली या नकली यह कैसे पता करे ? Top 5 Tips

नमस्कार दोस्तों ! आपका ‘shyamitguru’ में फिर से स्वागत है Technology के इस लेख में हम बात करेगे की अगर आपके पास Power bank है आज हम आपका पावर बैंक असली है या नकली कैसे पता करे इसके बारे में बताने जा रहे हैं. पहले समय में बाजार में एक से बढ़कर एक स्मार्टफोन आ रहे हैं लेकिन ज्यादा फीचर होने की वजह से भी इन स्मार्टफोन की बैटरी ज्यादा देर तक नहीं चल पाती है. ज्यादातर कंपनियां अब काफी पॉवरफुल मोबाइल फोन बनाने में लगी है ऐसे फोन में आपको काफी अच्छे फीचर देखने को मिल जाते हैं. लेकिन इन फ़ोन्स की  बैटरी ज्यादा देर तक नहीं चल पाती इसलिए आप Power बैंक का use करते है पावर बैंक एक ऐसा प्रोडक्ट है जो किसी भी मोबाइल फोन को दो से तीन बार आसानी से चार्ज कर देता है. अगर आप ऐसी जगह पहुँच जाते हैं जहां मोबाइल चार्ज करने की व्यवस्था नहीं होती है तो ऐसी जगह में पावर बैंक काफी मददगार साबित होता है. वैसे देखा जाए तो बाजार में नकली पावर बैंक की भरमार है ऐसे में लोग कंफ्यूज हो जाते है कि कौन सा पावर बैंक असली है या फिर  नकली है. तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले है की आपका Power Bank असली है या नकली कैसे बता करे तो चलिए स्टार्ट करते है –


बहुत से लोगो के मन में सवाल होता है कि उनको कितने mAh का पावर बैंक खरीदना चाहिए और use करना चाहिए तो आपको बता दे कि अगर आपके मोबाइल में 3000 mAh के आसपास की बैटरी है तो आपको तीन गुना ज्यादा मतलब 10000 mAh का पावर बैंक खरीदना चाहिए. इसके साथ पावर बैंक किसी बड़ी कंपनी का होना चाहिए इससे आप अपने फोन की बैटरी को तेजी से चार्ज सके इसलिए जहा तक हो सके आप 10000 mAh पॉवर बैंक का ही use करे.

आपका पावर बैंक असली है या नकली यह कैसे पता करे? Top 5 Tips 
अगर आप बाजार से पावर बैंक खरीदने जा रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ख्याल या ध्यान रखना चाहिए क्योंकि नकली पावर बैंक आपके मोबाइल के चार्जिंग सिस्टम को खराब कर सकते हैं. यहाँ हम आपको कुछ ऐसी टिप्स पतये गे की जिनको फॉलो करके आप असली नकली पावर बैंक में अंतर कर सकते हैं तो चलिए जानते है –

1.   जब आप किसी पावर बैंक को खरीदते हैं तो उसमें आप किसी कंपनी का ब्रांड का नाम जरुर देखते हैं लेकिन अगर इसमें ब्रांड का नाम नहीं लिखा है तो आपको समझ जाना है पावर बैंक नकली है.ऐसे में आपको एक बार कंपनी का नाम जरुर चेक कर लेना चाहिए.
2.   नकली पावर बैंक का वजन हल्का होता है. अगर आप 10000 mAh का पावर बैंक ले रहे हैं तो इसमें आपको थोड़ा वजन देखने को मिलेगा. क्योकि इसमें 10000 mAhबैटरी होती है तो जाहिर सी बात है इसमें वजन भी होगा. ऐसे में आपको इसमें वजन को चेक जरुर करना चाहिए.
3.  Fake पावर बैंक सस्ते होते हैं ऐसे में अगर आप किसी सस्ते प्रोडक्ट की तलाश में है तो आपको एक बार इनके Price पर भी ध्यान देना चाहिए.
4.   असली पावर बैंक को कुछ इस तरह से डिजाईन किया जाता है कि यह मोबाइल फोन को जल्दी से चार्ज कर देते. जब भी आप इस प्रोडक्ट को खरीदे तो एक बार अपने मोबाइल को कनेक्ट करके जरुर देख लेना चाहिए. इससे आपको पता चल जायेगा कि जिस प्रोडक्ट को आप खरीद रहे हैं वह आपके फोन को जल्दी चार्ज करेगा या नहीं.
5.  ज्यादातर ब्रांडेड पॉवर बैंक में चार्जिंग के अलावा कोई और Feature इनको खास चार्जिंग के लिए ही बनाया गया है अगर आप नया पावर बैंक खरीद रहे हैं तो आपको एक बार इसके फीचर पर भी ध्यान देना चाहिए.

 तो दोस्तों आप ऊपर बताये गए टिप्स को पढकर समझ सकते है की आपका पॉवर बैंकअसली है या नकली कैसे पता करे जान गए होगे अगर हां तो दोस्तों कमेंट्स करके जरुर बताये और इसके साथ इस आर्टिकल को सोशल साइट्स पर शेयर जरुर करे जिससे दुसरो को भी पता चल जाए की पॉवर बैंक असली है या नकली.

दोस्तों आपको यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट्स करके जरुर बताये और अगर आप कुछ जानना चाहते है तो हमसे जरुर पूछे हम आपको जरुर बतायेगे और इसके साथ ही हमारे लेटेस्ट आर्टिकल डायरेक्ट अपने मेल पर पाने के लिए हमारी साईट सब्सक्राइब और follow  करे

अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) क्‍या है? ALU की पूरी जानकारी हिंदी में

मार्च 19, 2019 0
अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) क्‍या है? ALU की पूरी जानकारी हिंदी में
हेल्लो दोस्तों हर बार की तरह shyamitguru की Website के इस आर्टिकल में हम आपको बतायेगे  की अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) क्‍या है? और इसके कितने Types है हमने आपको पिछले आर्टिकल में बताया था की कण्ट्रोल यूनिट (CU) के बारे में जानकारी दी थी हम उम्मीद करते है की वोह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी, तो चलिए जानते है की अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) क्‍या है? और इसके कितने Types है


जैसा कि आप सब जानते हहोगे की  प्रोसेसर (Processor) को कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है जैसे हमारा दिमाग सोचने समझने का काम करता है उसी प्रकार से प्रोसेसर भी सोचने और समझने का काम करता है लेकिन उसके लिए उसे जरूरत होती है (ALU) की यानी अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit) की तो आइए जानते हैं क्या है यह अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) और यह किस प्रकार काम करती है -
अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) क्‍या है?
अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic logic unit) सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के मुख्य तीन घटकों में से एक है जिसमें मेमोरी यूनिट (Memory unit) और कंट्रोल यूनिट (Control unit) भी शामिल है ALU कंप्यूटर हार्डवेयर में एक डिजिटल सर्किट होता है, अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट का मुख्य कार्य होता है अंकगणितीय तर्क इकाई अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट का मुख्य कार्य होता है अंकगणितीय कार्य करना जैसे जोड़ना घटाना गुणा करना भाग करना और गणित की तरह और भी जितने कार्य होते हैं वह करना इसके अलावा तर्क संबंधित कार्य जितने भी होते हैं जैसे तुलना करना चयन करना मिलान करना डाटा को आपस में मर्ज करना इस प्रकार की कार्य अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) करती है एएलयू को मुख्य रूप से बेसिक अर्थमेटिक ऑपरेशन के लिए ही डिजाइन किया गया है -


Arithmetic Operation
  • + Add (जोडना)
  • - Subtract (घटाना)
  • x Multiply (गुणा करना)
  • / Divide ( भाग देना)
जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग देने ये सभी  अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic logic unit) के ऑपरेशन है,

logic Operation
  • < Less then (छाेटा है) 
  • = equal to (बराबर है) 
  • > Greater then (बडा है)
यह सभी प्रकार की गणना और तुलना अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) में होती हैं और प्रोसेसिंग से पहले प्राइमरी मेमोरी (Primary memory में जो डाटा होता है और जो निर्देश होते हैं वह अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट में ट्रांसफर हो जाते हैं और वहां पर उनकी प्रोसेसिंग का कार्य होता है Arithmetic logic unit (ALU) से जो परिणाम मिलते हैं उनको प्राइमरी मेमोरी में ट्रांसफर कर दिया जाता है और प्रोसेसिंग समाप्त होने के बाद में प्राइमरी मेमोरी (Primary memory) में जो डाटा बचता है या अंतिम परिणाम बचते हैं वह एक आउटपुट डिवाइस (Output device) के माध्यम से Users तक पहुंचा दिए जाते हैं, ये साड़ी प्रोसेसिंग अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट यानि की ALU के द्वारा ही होती है-

इस आर्टिकल में हमने आपको अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) क्‍या है? ALU की पूरी जानकारी हिंदी में दी है अगर आपका इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई सवाल है तो आप कमेंट्स के द्वारा हमे जरुर बताये और इस जानकारी को शेयर जरुर करे,

स्टोरेज डिवाइस क्या है [ What is Storage Device in Hindi ]

अगस्त 24, 2018 1
स्टोरेज डिवाइस क्या है [ What is Storage Device in Hindi ]

स्टोरेज डिवाइस क्या है (What is Storage Device in Hindi)


 ये सवाल बहुतों के मन में कभी न कभी तो आया हो होगा लेकिन बहुत खोजने पर भी detailed में जानकारी हिंदी में कहीं पर भी उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते बहुत से लोगों को सही माईने में Data Storage Device क्या है और इसके कितने Types है के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है. जैसे की इसके नाम से ही पता चलता है की ये कुछ ऐसे device (उपकरण) हैं जिनका इस्तमाल data या information को digitally store करने के लिए होता है.

इन्हें alternatively digital storage, storage media, storage medium या storage device के नाम से भी जाना जाता है. ये कुछ इसप्रकार के Hardware device होते हैं जो की data या information को digitally store करके रखते हैं और वो भी Temporarily  या Permanently. इनका मुख्य उद्देश्य ही data को store करने का होता है.

अगर हम Computers की बात करें तब ये data storage ऐसे जगह होते हैं जो की data को electromagnetic और optical form में store करते हैं जिससे की computer processor जरुरत पड़ने पर इन data को बड़ी आसानी से access कर सकें. तो फिर बिना देरी किये चलिए जानते हैं की आखिर ये Storage Device क्या  होता है और इनके Types क्या हैं.

स्टोरेज डिवाइस क्या है (Storage Device in Hindi)



जैसे की मैंने पहले ही कहा है की Storage Devices उन्हें कहा जाता है जो की data और information को जरुरत के हिसाब से termporarily या permanently store करते हैं. ये Data को digitally store करते हैं.

Computers में जो storage device का इस्तमाल होता है वो मुख्य तोर से दो प्रकार के होते हैं.

1.  Primary Storage Device
2.  Secondary Storage Device

यहाँ पर अगर में Primary Storage Device in Hindi की बात करूँ तो उनका memory temporary होता है, या जिसे की volatile भी कहते हैं. इसके साथ इनमें limited memory होती है. उदहारण के तोर पर RAM.
वहीँ अगर में Secondary Storage Device in Hindi की बात करूँ तो उनका memory permanent होता है. इसके साथ ये बड़ी मात्रा में data को store कर सकते हैं. उदहारण के तोर पर Hard Drives.
क्यूँ Secondary Storage Devices का इस्तमाल ज्यादा होता है?

Secondary storage devices का इस्तमाल इसलिए ज्यादा होता है क्यूंकि :

1. Primary Storage की Memory (RAM) volatile और temporary होती है. जैसे ही computer को बंद कर दिया जाता है वैसे ही जो भी data RAM में स्तिथ होता है वो सारे भी erased हो जाते है.

2. Secondary Storage devices बहुत ही बड़ी मात्रा में data और instructions को permanently store करके रखते हैं जहाँ Primary memory की बहुत ही छोटी capacity होती है Data Store करने की.

3. Secondary storage की एक खास feature ये भी है की ये removable, internal, और external storage भी हो सकती हैं.

Local Storage Types


1. External Hard Drive


ये उन hard drives के तरह ही है जिन्हें की आपके desktop computer और Laptops में install किया गया है. इनमें जो main अंतर वो ये की इन्हें आप computer में plug सकते हैं, या फिर उन्हें निकाल भी सकते हैं और या फिर आप इन्हें main computer से separate भी रख सकते हैं. ये मुख्यतः दो sizes में मिलता है :

Desktop External Hard drive : जो की करीब 3.5 inch की होती है और जिन्हें desktop computers में इस्तमाल किया जाता है.

Portable External Hard drive : जो की करीब 2.5 inch की होती है और जिन्हें Laptops में इस्तमाल किया जाता है.

Desktop External Hard Drives अक्सर सस्ते होते हैं Portable External Hard Drives की तुलना में वही समान storage space के आधार पर. इसके साथ वो Portable External Hard Drives से ज्यादा faster और robust भी होते हैं.

Capacity : इनकी Capacity 160GB से 3TB (approx 3000GB) तक की होती है

Connection : ये computer को USB 2.0 or USB 3.0 connection के द्वारा जुड़ता है. इसके साथ ये SATA or eSATA connector में भी available होता है.

Advantages :

1. ये बहुत ही अच्छा option है local backups के लिए जहाँ की large amounts of data होता है.

2. ये सबसे सस्ता option होता है storage के लिए अगर हम dollars per GB की बात करें तब. इसके साथ ये बहुत ही reliable होता है अगर इसे सही तरीके से अगर handle किया जाये तब.

Disadvantages :

1. ये बहुत ही delicate होता है. ये बहुत आसानी से damage हो सकता है अगर इसे कहीं पर अगर गिरा दिया जाये या electricity की voltage में ऊपर निचे हो तब.

2. Solid State Drive (SSD)


Solid State Drives दिखने में और काम करने में बहुत ही similar होता है traditional mechanical/ magnetic hard drives के तरह. लेकिन ये Internally, पूरा ही अलग होता है. इनमें कोई भी moving parts or rotating platers नहीं होते हैं. ये solely depend करते हैं semiconductors और electronics पर data storage के लिए जो की इसे ज्यादा reliable और robust बनाते हैं traditional magnetic hard drive से. यहाँ पर moving parts के न होने से ये traditional hard drives की तुलना में कम power का इस्तमाल करते हैं और बहुत ही तेज़ काम करते हैं.
जैसे की हम जानते हैं की Solid State Drives  की कीमत दिनबदिन कम होते जा रहे हैं और इसके lower power usage की वजह से, SSD’s को आजकल भरी मात्रा में laptops और mobile devices में इस्तमाल किया जा रहा है. इसके साथ External SSD’s एक बहुत ही अच्छा option है data backups के लिए.

Capacity : 64GB to 256GB

Connections : USB 2.0/3.0 and SATA

Advantages :

1. ये बहुत ही Faster read और write करता है.
2. ये ज्यादा robust और reliable होता है traditional magnetic hard drives की तुलना में
3. ये Highly portable होता है. इसलिए इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह को ले जाया जा सकता है.

Disadvantages :

1. ये traditional hard drives के तुलना में ज्यादा expensive होता है.
2. इसमें Storage space भी traditional magnetic hard drives की तुलना में बहुत कम होती है.


Network Attached Storage (NAS)


अगर हम NAS की बात करें तो ये simply एक या एक से ज्यादा regular IDE or SATA hard drives का समाहार होता है जिसे की एक array storage enclosure में plug किया जाता है और उसे एक network Router or Hub के साथ जोड़ा जाता है एक Ethernet port के माध्यम से. कुछ NAS enclosures में ventilating fans होते हैं जो की सुरक्षा प्रदान करते हैं hard drives को overheating होने से.

Advantages :

1. ये बहुत ही अच्छा option है local backups के लिए ख़ास तोर से networks और small businesses के लिए.

2. चूँकि इसमें बहुत सारे hard drives को plugged in किया जा सकता है, इसलिए NAS बहुत ही बड़ी मात्रा में data को store कर सकती है.

3. इसे Redundancy (RAID) के साथ implement किया जाता है जिससे इसकी reliability, read और write performance बढ़ जाती है. चाहे आप कोई भी RAID level का इस्तमाल किये हों तब भी NAS function कर सकता है अगर एक hard drive RAID में fail हो जाये तब भी. इसके साथ दो hard drives को setup किया जा सकता है जिससे की वो single hard drive को read और write speed को दुगना कर सके.

4. यहाँ पर drive हर समय network के साथ connected रहता है और इसके साथ available भी रहता है जो की NAS को एक अच्छा option बनाता है automated scheduled backups को implement करने के लिए.

Disadvantages :

1. ये बहुत ही ज्यादा expensive होती है एक single External Hard Drives के मुकाबले.

2. ये बिल्कुम भी portable नहीं है जिससे की इसे लेने जाने में बहुत तकलीफ करनी पड़ती है. जिससे की इसे हमेशा खतरा रहता है बाड़, fire और चोरी से.

4. USB Thumb Drive Or Flash Drive

ये बहुत ही similar होती हैं Solid State Drives के जैसे except इनके केवल size ही सबसे छोटा होता है और इसके साथ इनकी capacity. इनमें कोई moving parts न होने से ये इन्हें ज्यादा robust बनती हैं. ये बहुत ही ज्यादा portable होते हैं जिससे इन्हें किसी keychain  में भी Fit किया जा सकता है. ये सबसे ज्यादा ideal होता है उनके लिए जिन्हें की छोटे मात्रा में data को backup करना होता है और उसे इधर उधर ले जाना होता है.

Capacity : 4GB to 64GB

Advantages :

1. ये बहुत ही अच्छा portable storage option है. इसे बहुत ही कम जगह में रखा जा सकता है जो की इसे ज्यादा portable बनता है.

2. ये बहुत ही ज्यादा robust होता है traditional magnetic hard drives की तुलना में.

Disadvantages :

ये Relatively ज्यादा expensive होता है per GB के हिसाब से इसलिए इनका इस्तमाल केवाल कम data store करने के लिए होता है.

5. Optical Drive (CD/ DVD)

CD’s और DVD’s एक ideal option होते हैं songs, movies, media or software को store करने के लिए जो की आप अपने friends को distribute करने के लिए या देने के लिए इस्तमाल कर सकते हैं, क्यूंकि ये बहुत ही कम cost का होता है per disk. ये कभी भी एक बेहतरीन storage options नहीं हो सकता backups के लिए क्यूंकि इनकी बहुत shorter lifespan होती है, कम storage space और slower read और write speeds होते हैं.

Capacity CD: 650MB to 900MB
Capacity DVD: 4.7GB to 17.08GB

Advantages :

ये बहुत की कम cost per disk की होती है

Disadvantages :

1. ये दुसरे storage options की तुलना में कम lifespan वाले होते हैं

2. इसके साथ ये दुसरे storage options जैसे की external hard disk और SSD के जैसे उतने reliable नहीं होते हैं. एक बार वो damage हो जाएँ तो उन्हें दूसरी बार backup नहीं किया जा सकता.

Remote Storage Options


6. Cloud Storage


Cloud storage एक ऐसा storage space होता है जिन्हें की commercial data center में इस्तमाल किया जाता है जिसे कोई भी computer जिसमें Internet access हो से operate किया जा सकता है. इन्हें usually service provider के द्वारा provide किया जाता है. एक limited storage space को मुफ्त में provide किया जाता है, वहीँ ज्यादा space के लिए आपको subscription fee देना पड़ सकता है. ऐसे service providers के उदहारण हैं Amazon S3, Google Drive, Sky Drive इत्यादि

Advantages :

ये एक बहुत से अच्छा offsite backup है. ये किसी भी बाहरी कारणों जैसे की theft, floods, fire से affected नहीं होता है.


Disadvantages :

1. ये traditional external hard drives के मुकाबले ज्यादा expensive होता है. अक्सर इसमें आपको ज्यादा space के लिए subscription लेनी पड़ती है.

2. इसमें एक Internet connection की जरुरत पड़ती है cloud storage को access करने के लिए.

3. ये दुसरे local backups की तुलना में बहुत है slow होते हैं.


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Hard Disk Drive के बारे में बेहद रोचक जानकारियां। [Important about Hard disk drive]

अगस्त 15, 2018 1
Hard Disk Drive के बारे में बेहद रोचक जानकारियां। [Important about Hard disk drive]
हार्ड डिस्क के बारे में कुछ जानकारियां – Computer या laptop में स्टोरेज के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रमुख इकाई को ही hard disk कहते है और पूरे computer device में ये ही एक ऐसा पार्ट है जिसमे सबसे ज्यादा बिजली की खपत होती है और कारण है इसके अंदर लगी मैग्नेटिक disk का तेजी से घूमना जो करीब 7000 RPM की गति से घूमती है और इसी disk को hard disk drive कहते है |

Hard डिस्क Drive के बारे में रोचक जानकारी




यह data को digitally स्टोर करता है और यह तब भी save रहता है जबकि आप इसकी पॉवर ऑफ कर देते है असल में अभी तो तकनीक के विकास के साथ ये सब बड़ी साधारण सी बाते लगती है लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था क्योंकि आपको बता दें कि दुनिया की सबसे पहली hard disk को IBM कम्पनी द्वारा बनाया गया था जबकि यह आज की तुलना मे बाजार में उपलब्ध hard disk की तुलना में दस गुना अधिक बड़ी थी और इसमें केवल 5 mb data स्टोर किया जा सकता था |

ये भी देखें:- अचानक बन्द हुए टैब को कैसे वापस लाएं

1980 में IBM ने उसमे सुधार कर एक नयी hard disk बनायीं जिसकी storage capacity तो पहले के मुकाबले बहुत अधिक (करीब 2.5 GB से अधिक ) थी लेकिन फिर भी वजन और परिमाप में वो बहुत बड़ी थी | उसका वजन करीब 250 KG और size किसी फ्रिज के बराबर का था |

क्या आपको पता है:-


किसी भी तरह की storage device में से जब भी आप किसी तरह का data delete करते है तो वो कभी delete नहीं होता क्योकि उसकी एक इमेज आपकी storage device पर save रहती है ताकि आप कभी दुर्घटनावश data delete होने की स्थिति में अपना data किसी भी data recovery software की मदद से फिर से वापिस लें सकें और यही बात hard drive के केस में भी लागू होती है | सबसे अधिक लोकप्रिय data recovery software है pandora जिसे बड़ी आसानी से इसकी official website से डाउनलोड किया जा सकता है |

data storage को मापने की इकाई :

storage को मापने की सबसे छोटी इकाई है byte है और आप इन्हें बढ़ते हुए क्रम में इस तरह समझ सकते है
1 KB -1024 Bytes
1 MB-1024 KB
1 GB -1024 MB
1 TB -1024 GB

Hard Disk Drive का नया अवतार

आजकल hard disk के स्थान पर SSD (SOLID STATE DRIVE) भी प्रचलन में है जिनमे hard disk की तरह कोई मूविंग पार्ट नहीं होता जबकि उनमे data electronically छोटी छोटी microchips पर save होता है और इसी वजह से इनमे data एक्सेस करने की स्पीड भी अधिक होती है लेकिन फिर भी महंगे होने के कारण आमतौर पर इनका प्रयोग नहीं किया जाता है लेकिन कुछ महंगे laptops और ultrabooks में इनका प्रयोग किया जाता है |

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How to lock computer Hard Drive कंप्यूटर हार्ड ड्राइव को कैसे लॉक करें